कृषि कानून को रद्द करना सरकार की मजबूरी, भाजपा और मोदी की अक्ल ठिकाने पर आई -आम आदमी पार्टी
● यूपी चुनाव को मद्देनज़र रखते हुए लिया गया निर्णय, भाजपा भरोसे के काबिल नही - तरुणा साबे बेदरकर जगदलपुर। करीब साल भर से किसान, केंद्र की हठधर्मी, तानाशाह, किसान विरोधी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्ववाली भाजपा सरकार से पूरे मनोयोग से लड़ाई लड़ रही है। खून जमा देने वाली ठंड से लेकर गर्मी, धूप बरसात, बदनामी, फर्जी एफआईआर सभी तरह की अत्याचार किसानों ने झेले। लेकिन कहते हैं, आखिरकर सत्य की जीत होती है, तो किसानों ने इस लड़ाई की पहली पड़ाव जीत ली है। आम आदमी पार्टी के सभी नेता किसानों के इस निर्णायक लड़ाई में कंधा से कंधा मिलाकर चलते रहे और आगे भी लड़ते रहें हैं। सत्य के मार्ग पर चलने वाले को कष्ट झेलने पड़ते हैं - कोमल हुपेंडी आम आदमी पार्टी, छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेंडी ने कहा जो सत्य के मार्ग पर चलता है उसे कष्ट झेलने पड़ते हैं, भले ही किसानों को इस लड़ाई में शहादत देनी पड़ी है, अत्याचार सहने पड़ा, पर ये तो तय था की घमंडी, अत्याचारी मोदी सरकार को झुकना पड़ेगा और वह झुकी। जिन किसानों को खालिस्तानी और डकैत कहने से भाजपा के नेता नहीं चुके उन्हीं किसानों के दबाव मे...